जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : मालन नदी में बने वैकल्पिक मार्ग के लगातार हो रहे कटाव को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने चिंता जताई है। यूकेडी ने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये की लागत से तैयार किया गया यह वैकल्पिक मार्ग अब नदी के तेज बहाव की चपेट में आने की स्थिति में है। मार्ग का बड़ा हिस्सा नदी में बह चुका है और मौके पर अब केवल ह्यूम पाइप का एक हिस्सा दिखाई दे रहा है, जबकि दूसरा हिस्सा भी मिट्टी में दब गया है।

यूकेडी के केंद्रीय प्रचार सचिव रविंद्र सौंद ने कहा कि करोड़ों रुपये की सार्वजनिक संपत्ति को नदी की भेंट चढ़ने के लिए छोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस समस्या को कई बार प्रशासन के संज्ञान में लाने का प्रयास किया गया, लेकिन मार्ग को बचाने या उसके पुनर्निर्माण के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने बताया कि वैकल्पिक मार्ग का उद्देश्य भारी मालवाहक वाहनों को मालिनी नदी के मुख्य पुल से गुजरने की आवश्यकता कम करना था। इससे जहां क्षेत्रवासियों को आवागमन में सुविधा मिलती, वहीं मुख्य पुल पर वाहनों का दबाव भी कम होता। उन्होंने प्रशासन से मार्ग को बचाने के लिए तत्काल सुरक्षा कार्य कराने और आवश्यक होने पर इसके पुनर्निर्माण की मांग की। यूकेडी महानगर अध्यक्ष भरत मोहन काला ने मालिनी नदी के मुख्य पुल की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पुल पर जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं। भारी व्यावसायिक वाहनों की लगातार आवाजाही, ब्लैकटॉपिंग का अभाव और निर्माण कार्य की गुणवत्ता जैसे कारण पुल की स्थिति को प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा के लिए समय रहते ठोस कदम उठाना जरूरी है। आपदा प्रबंधन केवल बैठकों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि संवेदनशील स्थानों पर इसका असर धरातल पर दिखाई देना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मालन नदी के वैकल्पिक मार्ग और मुख्य पुल की स्थिति का तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक कार्य कराने की मांग की।