जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : श्री ज्वाल्पा देवी आदर्श संस्कृत महाविद्यालय में आठ सितंबर से चल रही वाग्वर्धिनी सभा का रविवार को समापन हो गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने संस्कृत प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा दिखाई।

वाग्वर्धिनी सभा का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में संस्कृत भाषा के प्रति रुचि व आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ ही संस्कृत को व्यवहार और संवाद की भाषा के रूप में विकसित करना रहा। विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने संस्कृत में अपने विचारों को सहज व प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का अभ्यास किया। कार्यक्रम में आशुभाषण और वाद-विवाद जैसी गतिविधियों ने विद्यार्थियों के मंचीय आत्मविश्वास को बढ़ाया, वहीं श्लोकोच्चारण व समूहगान के माध्यम से उच्चारण, शब्द-भंडार और भाषा के प्रवाह का अभ्यास कराया गया। समापन अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य ज्योति प्रकाश ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने के साथ ही उन्हें संस्कृत भाषा के संरक्षण, संवर्धन व व्यवहारिक प्रयोग के लिए प्रेरित करते हैं। योगाचार्य प्रदीप थपलियाल व आचार्य राहुल सती ने विद्यार्थियों को योग के महत्व के बारे में बताया। इस मौके पर साहित्याचार्य नरेश पोखरियाल आदि मौजूद रहे।