देहरादून। राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस-इंटक द्वारा शुक्रवार को कौलागढ़ रोड स्थित ओएनजीसी सामुदायिक केन्द्र में अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर हुई संगोष्ठी में श्रमिकों को उनका हक देने को लेकर आवाज बुलंद की गई। ओएनजीसी स्टॉफ यूनियन व ओएनजीसी कांन्ट्रेक्ट इम्पलाइज यूनियन के पदाधिकारियों की मौजूदगी में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि मजदूरों के लिए काम के घंटे निश्चित करने और उन्हें उनके वाजिब कार्यों के लिए वेतन, भत्ते के लिए अभी काफी संघर्ष की जरुरत है। मजदूरों के लिए आवास, परिवारों के लिए आवासीय सुविधा और बच्चों के लिए पढ़ाई, स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में क्रांतिकारी बदलाव की जरुरत है। औद्योगिकरण के शुरूआती दौर से आज के हालात की तुलना की जाए तो आज इसमें काफी बदलाव आ चुका है। यह सभी संगठन की शक्ति से संभव हुआ है। इंटक के प्रदेश अध्यक्ष हीरा सिंह बिष्ट ने मजदूर दिवस का इतिहास बताया और हर बदलाव के लिए संगठन का साथ देने का आह्वान किया। आज कामकाजी वर्ग के लिए काम के आठ घंटे तय किए गए हैं तो वह श्रमिक आंदोलन की ही देन है। भारत में मजदूर दिवस की शुरआत चेन्नई में एक मई 1923 में हुई। आज दुनिया भर के अनेक देशों में मजदूर दिवस मनाया जाता है। संगोष्ठी में ओएनजीसी प्रबंधन की ओर से मुख्य महाप्रबंधक निगमित प्रशासन नीरज कुमार शर्मा, बैजनाथ, सुशील कुमार, ओएनजीसी स्टॉफ यूनियन के महामंत्री अजय शर्मा, ओएनजीसी कान्ट्रेक्ट इम्पलाइज यूनियन के महामंत्री अनिल कुमार, ओएनजीसी एस्ट्रो के अध्यक्ष जेपी पांडे, देवेन्द्र सिंह बिष्ट, जमशेद, एपी अमोली, पंकज क्षेत्री, ओपी सूदी, विक्टर थोम्स, उदय सिंह पुंडीर, तनवर आलम, मनोज पाल, नीरज त्यागी, अरुण कुमार, विनोद कवि मौजूद रहे।