रुद्रपुर। ट्रेड यूनियन ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस (एक्टू) ने मजदूर वर्ग से अपने हक-अधिकारों की आवाज बुलंद करने के लिए 1 मई, अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस को सफल बनाने का आह्वान किया है। बुधवार को आयोजित बैठक में एक्टू कार्यकर्ताओं ने श्रमिक संयुक्त मोर्चा के बैनर तले 1 मई को दोपहर 1 बजे सिडकुल चौक, रुद्रपुर में होने वाले कार्यक्रम में शामिल होने का निर्णय लिया। एक्टू के प्रदेश महामंत्री कॉमरेड केके बोरा ने आरोप लगाया कि कोरोना काल के दौरान केंद्र सरकार ने पुराने श्रम कानूनों को समाप्त कर चार नए लेबर कोड लागू किए, जिससे मजदूरों के अधिकार कमजोर हुए हैं। उन्होंने कहा कि इन कोड्स के जरिए 8 घंटे के कार्यदिवस की व्यवस्था प्रभावित हुई है और 12 घंटे तक काम कराने की प्रवृत्ति बढ़ी है, जबकि अतिरिक्त समय का उचित भुगतान नहीं मिल रहा है। भाकपा (माले) के जिला सचिव कॉमरेड ललित मटियाली ने कहा कि हाल की हड़तालों के दौरान सिडकुल और हल्द्वानी की औद्योगिक इकाइयों में श्रमिक शोषण के मामले सामने आए हैं। उन्होंने प्रशासन पर आंदोलनों को दबाने के लिए दमनात्मक कार्रवाई का आरोप लगाया। एक्टू की जिला सचिव अनिता अन्ना ने कहा कि उत्तराखंड में आशा, आंगनबाड़ी और भोजनमाता जैसी स्कीम वर्कर्स भी शोषण का सामना कर रही हैं। उन्होंने सरकार पर महिला श्रमिकों की अनदेखी का आरोप लगाया। जिलाध्यक्ष दिनेश तिवारी ने मजदूरों से अपील की कि वे 1 मई को सिडकुल चौक (ब्रिटानिया चौक) पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाएं। बैठक में वीरेंद्र सिंह, कमल सिंह, उत्तम दास, साहेब सिंह, आकाश भारती, अर्जुन सिंह, धनवीर सिंह और धीरज कुमार सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।