उत्तरकाशी। हर्षिल पहुंचे रक्षा प्रमुख जनरल अनिल चौहान ने वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत सेना की ओर से प्रस्तावित हर्षिल सांस्कृतिक एवं विरासत केंद्र का शिलान्यास किया। डीएम प्रशांत आर्य सहित सेना के अधिकारियों ने स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने वहां पर स्थानीय ग्रामीणों से मुलाकात की। कहा कि सीमांत गांव के लोग और सेना एक दूसरे के पूरक हैं। देश की सुरक्षा के साथ ही इन इलाकों के विकास के लिए दोनों की सहभागिता आवश्यक है। सीडीएस ने ग्रामीणों सहित पूर्व सैनिकों और एनसीसी कैडेट्स से भी मुलाकात कर उनसे स्थानीय परिदृश्य की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि हर्षिल सांस्कृतिक एवं विरासत केंद्र का उद्देश्य क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करना है। साथ ही इसके माध्यम से देश-विदेश के पर्यटकों को गंगोत्री, हर्षिल और गढ़वाल क्षेत्र के गौरवशाली इतिहास की जानकारी भी मिलेगी। इसके बाद रक्षा प्रमुख ने बगोरी गांव में स्थानीय निवासियों से मुलाकात कर सीमावर्ती गांव की जीवंतता को सुदृढ़ करने में उनके योगदान की जानकारी ली। साथ ही गंगा के शीतकालीन प्रवास मुखवा गांव में गंगा की विशेष पूजा अर्चना की। कहा कि पहाड़ की परंपराओं और क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को यहां के लोगों ने संजो कर रखा है।