देहरादून। चंपावत में नाबालिग किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने कहा कि इस जघन्य अपराध ने पूरे प्रदेश को हिला कर रख दिया है और महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। महानगर कांग्रेस कमेटी, देहरादून के अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि उत्तराखंड में बेटियों की सुरक्षा पूरी तरह खतरे में है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि बेटियां घर से बाहर निकलने में भी सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं।
डॉ. गोगी ने कहा कि यदि सत्ता से जुड़े लोगों के नाम इस प्रकार के अपराधों में सामने आते हैं, तो यह भाजपा सरकार की नैतिक विफलता को दर्शाता है। उन्होंने “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” नारे पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार बेटियों को सुरक्षा देने में असफल साबित हुई है। कांग्रेस ने मांग की कि इस मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच हो तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही पीड़िता और उसके परिवार को सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित किया जाए।
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि पार्टी पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और महिलाओं के सम्मान एवं सुरक्षा के मुद्दे पर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने भाजपा सरकार से दोषियों को राजनीतिक संरक्षण देना बंद करने और अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
इस विरोध प्रदर्शन में ब्लॉक अध्यक्ष कवाली राजेश पुंडीर, कौलागढ़ ब्लॉक अध्यक्ष जितेंद्र तनेजा, अर्जुन पासी, अनिल बसनेत, जगदीश धीमन, अभिषेक तिवारी, अभिनव थापर, पिया थापा, अरुण शर्मा, रामकुमार थपलियाल, अल्ताफ अहमद, अंजू भारती, ट्विंकल अरोड़ा, सौरभ शर्मा, आलोक मेहता, संजय शर्मा, नितीश राजोरिया, रामबाबू, सूरज छेत्री, सुनील जयसवाल, जसविंदर मोटी, सावित्री थापा, लकी राणा, अरुण बलूनी, शिवम् कुमार, वीरेंद्र पंवार, राहुल तलवार, सुनील कुमार, गुलशन सिंह सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।