कांग्रेस ने दिया केन्द्र व राज्य सरकार के खिलाफ धरना, भाजपा को सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं

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मनरेगा को गांव और शहर में एक सम्मान लागू किया जाय
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने युवाओं को रोजगार दो वरना गद्दी छोड़ दो कार्यक्रम के तहत धरना देकर केन्द्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि केन्द्र/राज्य सरकार बेरोजगारों को रोजगार देने में नाकाम रही है। ऐसी सरकारों को सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं है। इस अवसर पर पूर्व मंत्री सुरेन्द्र सिंह नेगी ने आरोप लगाते हुए कहा कि देश और प्रदेश में बेरोजगारी चरम पर है। युवा भारत कहते थे उन युवाओं की जो स्थिति वर्तमान में है इसके दूरगामी परिणाम खतरनाक है। धरना देकर सरकार को जगाने का प्रयास किया जा रहा है कि वह इस दिशा में सोचे। उन्होंने कहा कि युवा भारत की रीढ़ है और आने वाले समय के कर्णधार है। जिनकी वजह से राष्ट्र मजबूत, सशक्त और प्रगतिशील होगा। उनकी अगर ये हालत है तो उनकी यह हालत को बचाने के लिए कांग्रेस ने केन्द्र और राज्य सरकार को नींद से जगाने का बीड़ा उठाया है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में मनरेगा बहुता बड़े हथियार के रूप में काम कर सकता है। इसे ग्रामीण क्षेत्र तक सीमित न रखते हुए शहर में भी एक सम्मान रूप से लागू किया जाना चाहिए। इसके दक्षता के हिसाब से स्लैब बनाये जाने चाहिए। क्योंकि कोरोना काल में शहर और गांव में रहने वाले सभी लोग परेशान है।
मालवीय उद्यान में पूर्व मंत्री सुरेन्द्र सिंह नेगी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने केन्द्र/राज्य सरकार के खिलाफ धरना दिया। साथ ही नारेबाजी कर जमकर प्रदर्शन किया। पूर्व मंत्री सुरेन्द्र सिंह नेगी ने कहा कि पहले नोटबंदी होने से लाखों लोग बेरोजगार हुए। फिर जीएसटी के माध्यम से छोटे उद्योग बंद हो गये। जिस कारण लाखों लोग बेरोजगार हो गये। पूर्व मंत्री ने आरोप लगाते हुए कहा कि कोरोना महामारी के दौरान जो प्लानिंग होनी चाहिए थी उसमें कमी के कारण आज युवा बेरोजगार है और युवा आत्महत्या करने को मजबूर है। जिस देश का युवा आत्महत्या करने को विवश हो उसका भविष्य कैसे होगा इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने केन्द्र/राज्य सरकार से बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता देने की मांग करते हुए कहा कि इस योजना में जो कोरोना महामारी के दौरान बेरोजगार हुए है और जो लोग अपने व्यवसाय से वंचित हुए उन्हें भी शामिल किया जाना चाहिए। पूर्व मंत्री ने कहा कि वर्तमान में बेरोजगारों हाथों को रोजगार देना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। ताकि युवा कुंठित होने से बच सकें। क्योंकि जो युवा कुंठा का शिकार हो जाता है वह आत्महत्या जैसे कदम उठाता है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के कल्याण के लिए जो व्यवस्था है उसके तहत श्रमिकों के लिए व्यवस्था की जानी चाहिए। सरकार ने कोरोना काल में कोई भी सकारात्मक कदम नहीं उठाया है। धरना देने वालों में जिलाध्यक्ष डॉ. चन्द्रमोहन खरक्वाल, पूर्व राज्यमंत्री विजय नारायण सिंह, महानगर अध्यक्ष संजय मित्तल, भोपाल सिंह अधिकारी, पूर्व प्रधान तेजपाल पटवाल, मार्न ंसह राजपूत, पूरण चन्द्र, हिम्मत सिंह नेगी, अमित राज सिंह, विजय रावत, आरसी खंतवाल, छात्र संघ अध्यक्ष हिमाशुं बहुखण्डी, जितेन्द्र भाटिया, भारत सिंह नेगी, शंकेश्वर प्रसाद सेमवाल, नन्दर्न ंसह, शकुन्तला चौहान, कृष्णा बहुगुणा, सुनीता धस्माना, विनीता भारती, अजय बहुखण्डी, सुधाशुं नेगी, राजा आर्य, हेमचन्द्र पंवार आदि उपस्थित रहे।

कांग्रेस ने जुलूस निकालकर किया प्रदर्शन
देश में बढ़ती बेरोजगारी व सार्वजानिक संस्थानों को निजी हाथों में सौंपने के विरोध में कांग्रेस ने जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया।


पूर्व राज्यमंत्री जसवीर राणा के नेतृत्व में हिन्दू पंचायती धर्मशाला से कांग्रेस कार्यकर्ता जुलूस की शक्ल में बदरीनाथ मार्ग से होते हुए प्रदर्शन करते हुए तहसील परिसर पहुंचे। जूलूस में केन्द्र/राज्य सरकार रोजगार दो वरना गद्दी छोड़ दो, बेरोजगारों को रोजगार दो आदि नारे लगा रहे थे। पूर्व राज्यमंत्री जसवीर राणा ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर देश व प्रदेश में रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति करने, सरकारी संस्थानों का निजीकरण रोकने के लिए केन्द्र सरकार को निर्देशित करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा की करनी और कथनी में बहुत अंतर है। भाजपा कहती कुछ है और करती कुछ है। केंद्र सरकार ने दो करोड़ युवाओं को प्रतिवर्ष रोजगार देने का वादा किया था, जो जुमलों तक ही सीमित रह गया। बेरोजगार के भविष्य के साथ केंद सरकार ने खिलवाड़ करते हुए रोजगार उपलब्ध कराने के वायदों को भूल गई है। यही नहीं सरकार सार्वजनिक उपक्रमों को नजी हाथों में बेचकर देश के बेरोजगारों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। जुलूस प्रदर्शन में पूर्व राज्यमंत्री जसवीर राणा, दिलबर प्रताप सिंह, प्रवेश रावत, तेजपाल पटवाल, देवेन्द्र भट्ट, आशुतोष कंडवाल, अनुज भट्ट, रजनीश रावत पंकज सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल थे।

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