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देखिए सीएम क्यूआरटी: देहरादून, रूद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, चमोली, टिहरी, से ज्यादा समस्यायें है पौड़ी गढ़वाल में

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार। जन समस्याओं को लेकर समाधान को के लिए विगत वर्ष अक्टूबर में शुरू किये गये मुख्यमंत्री त्वरित समाधान सेवा कार्यक्रम यानि सीएम क्यूआरटी (क्लिक रिस्पॉन्स टीम) में आई समस्याओं में गढ़वाल मंडल के छ: जिलों में से सर्वाधित समस्यायें जनपद पौड़ी गढ़वाल में दर्ज की गई। माह अक्टूबर में तो पांच जिलों रूद्रप्रयाग, टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली की जितनी समस्यायें थी उतनी अकेले पौड़ी जिले की थी। इसी तरह माह नवम्बर और दिसम्बर में भी पौड़ी गढ़वाल की समस्याओं का आंकड़ा सर्वोच्च रहा। सीएम क्यूआरटी में आई समस्याओं का समाधान भी किया गया जिसमें सर्वाधिक समस्याओं का समाधान भी पौड़ी जनपद का ही रहा।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के निर्देश पर पिछले वर्ष अक्टूबर माह में शुरू हुआ था। मुख्यमंत्री त्वरित समाधान सेवा कार्यक्रम सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए आमजन को दिक्कतों का सामना न करना पड़े। यह सुनिश्चित करने के लिए माह अक्टूबर में शुरू किया गया मुख्यमंत्री त्वरित समाधान सेवा कार्यक्रम यानि सीएम क्यूआरटी (क्विक रेस्पॉन्स टीम) तेजी से अपने लक्ष्यों को हासिल करने की ओर अग्रसर है। बीते तीन माह में इस सेवा के जरिए 70 प्रतिशत से ज्यादा लोगों की समस्याओं का निराकरण किया गया। जबकि शेष शिकायतों पर भी कार्यवाही गतिमान है। उत्तराखंड सरकार की दूरगामी नीति के अंतर्गत जरूरतमंदों की बुनियादी समस्याओं के निदान की दिशा में गंभीरता से प्रयास किए जा रहे हैं। इन प्रयासों में सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य रोजगार आदि शामिल हैं। राज्य सरकार का मानना है कि प्रदेश के निवासियों को मूलभूत सुविधाएं समय पर मिलें और कोशिश है कि सबकी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति समय पर सुनिश्चित हो सके। यदि कहीं पर किसी की कोई शिकायत हो तो उसका तत्काल निदान किया जाए।
इसी उद्देश्य के साथ अक्टूबर माह में प्रदेश के सात जिलों में मुख्यमंत्री त्वरित समाधान सेवा कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इसमें जिला स्तर पर शिविरों का आयोजन जिलाधिकारी-सीडीओ के स्तर से किया जा रहा है। यूं तो 21 सितंबर को इस सेवा को शुरू किया गया लेकिन अधिकारिक रूप से जिलों में इस सेवा ने 1 अक्टूबर 2020 से कार्य करना प्रारंभ किया। तब से लेकर 31 दिसंबर 2020 तक इस शिविरों के जरिए प्रदेशभर में लोगों की कुल 4025 शिकायतें विभिन्न विभागों को प्राप्त हुई जिनमें से 2904 शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया है। यानि अब तक 70 प्रतिशत शिकायतों का निस्तरण किया जा चुका है।
इस विभागों की शिकायतों का हो रहा निदान
बिजली, सड़क, सिंचाई, वन, जल संस्थान, पेयजल निगम, जल संस्थान, स्वजल, ग्राम्य विकास, पंचायतीराज, शिक्षा विभाग, महिला बाल विकास, कृषि विभाग, राजस्व विभाग, पशुपालन विभाग, समाज कल्याण, उरेडा, जिला पंचायत, दूरसंचार, मंडी समिति, उद्यान विभाग, स्वास्थ्य विभाग, कृषि एवं भूमि संरक्षण, पर्यटन विभाग, पुलिस, पीएमजीएवाई, नलकूप विभाग, खाद्य आपूर्ति, उपकोषागार, ग्रामीण निर्माण विभाग, नगर पालिका आदि

अक्टूबर माह में निस्तारित समस्याएं
जिला             समस्या       निदान
पौड़ी                542            475
रूद्रप्रयाग         120            90
टिहरी             220           168
उत्तरकाशी        112            87
चमोली            167          100

नवंबर माह में निस्तारित समस्याएं
जिला               समस्या         निदान
पौड़ी                    430         400
रूद्रप्रयाग           110            78
टिहरी                195             108
देहरादून           330             225
उत्तरकाशी      167               98
चमोली          221                178

दिसंबर माह में निस्तारित समस्याएं
जिला                    समस्या       निदान
पौड़ी                      697               500
रूद्रप्रयाग              157                 90
टिहरी                   282               147
देहरादून               275               160
उत्तरकाशी            267               179

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