विकासनगर। माया देवी यूनिवर्सिटी में डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर की ओर से रिजनरेटिव एंड रिसालेंट शेपिंग द फ्यूचर ऑफ एग्रीकल्चर थ्रो सस्टेनेबिलिटी विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कान्फ्रेंस आयोजित किया गया। इसमें जलवायु परिवर्तन के बीच कृषि के क्षेत्र में आ रही चुनौतियों पर चर्चा की गई। मुख्य अतिथि प्रो. दुर्गेश पंत ने कहा कि इस समय क्लाइमेट चेंज बहुत बड़ी समस्या बन गई है। कई वर्षों से जब बारिश होनी चाहिए तब होती नहीं है और जब नहीं होनी चाहिए हो रही है। इन्हीं क्लाइमेट चेंज की चुनौतियों के बीच टिकाऊ सस्टेनेबल एवं जलवायु लचीली कृषि अपनानी होगी। साथ ही उन्होंने मिट्टी की उर्वरकता की कमी, पर्यावरण असंतुलन जैसी चुनौतियां और उनके समाधान पर भी विस्तृत रूप से अपनी बात रखी।
विशिष्ट अतिथि प्रो. एके कर्नाटक ने कहा कि तकनीक का प्रयोग और जलवायु के अनुकूल स्मार्ट कृषि आज की मांग है। कृषि विभाग के निदेशक डॉ. दिनेश कुमार ने उत्तराखंड सरकार की ओर से किसानों के लिए चलाई जा रही सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। कान्फ्रेंस को पद्मश्री कल्याण सिंह, प्रो. अनुज, डॉ. सिंधु सेरेना ने भी संबोधित किया। इस दौरान यूकॉस्ट के निदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, एमएल जुयाल, डॉ. आशीष सेमवाल आदि मौजूद रहे।