जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : उत्तराखंड परिवहन निगम के कोटद्वार डिपो में एजेंसी के माध्यम से कार्यरत चालक-परिचालकों ने हड़ताल के बावजूद उनकी ड्यूटी लगाए जाने का विरोध करते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने उनका चार माह का वेतन भुगतान करने व पांच माह का पीएफ जमा कराने की मांग की। कहा कि कोरोना महामारी के समय और खास मौकों पर उन्होंने पूरी जिम्मेदारी से ड्यूटी की, लेकिन उन्हें कभी प्रोत्साहन राशि नहीं मिली। अन्य सभी विभागीय कर्मचारियों को प्रोत्साहन राशि दी गई। वे हर स्थिति में परिवहन निगम के साथ खड़े हैं, लेकिन परिवहन निगम ठेकेदारी प्रथा को खत्म कर उन्हें विशेष श्रेणी में शामिल करे।
रविवार सुबह डिपो गेट के सामने प्रदर्शन करते हुए चालकों, परिचालकों ने कहा कि जिस ठेकेदार के माध्यम से वे सेवाएं दे रहे हैं उसका अनुबंध समाप्त हो गया है। ठेकेदार द्वारा उन्हें चार माह के वेतन का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। इसके अलावा सभी कर्मचारियों के पांच माह का पीएफ भी जमा नहीं हुआ है। डिपो के कर्मचारी गत 13 अप्रैल से आंदोलनरत हैं। इस संबंध में 10 व 16 अप्रैल को परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा से रुड़की स्थित कैंप कार्यालय पर मिल चुके हैं। उन्होंने 25 अप्रैल तक वेतन व पीएफ दिलाने का आश्वासन दिया है। प्रदर्शनकारियों ने उनका चार माह का वेतन भुगतान व पांच माह का पीएफ जमा कराने के साथ ही ठेका प्रथा समाप्त कर उन्हें विशेष श्रेणी में शामिल करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आंदोलनरत होने के बावजूद डिपो प्रशासन द्वारा जबरदस्ती उनकी ड्यूटियां लगाई जा रही है। एजेंसी से संबद्ध चालकों-परिचालकों की परेशानी से उन्हें कोई सरोकार नहीं है। प्रदर्शन करने वालों में दीपक कुमार शाह, उमेश चंद्र भट्ट, नीरज रावत, बृजपाल सिंह, कांता कुमार, अंकुर चौहान, मनीष नेगी, अमित पांडे, प्रदीप कुमार, मोहम्मद रेहान शामिल रहे।