जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : आबादी में हाथियों की धमक रोकने के लिए करोड़ों की लागत से बनाई गई हाथी सुरक्षा केवल शोपीस बनकर रह गई है। आए दिन हाथी दीवार को लांघकर आबादी में प्रवेश कर काश्तकारों की फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। यही नहीं, राह से गुजरते हाथियों के कारण राहगीरों को भी जान-माल का खतरा बना हुआ है। सत्तीचौड़ रोड में सुरक्षा दीवार को लांघते एक हाथी का वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है।
कोटद्वार व भाबर क्षेत्र का अधिकांश भाग जंगल से सटा हुआ है। यही कारण है कि आबादी में जंगली जानवरों की धमक बनी रहती है। हाथी व अन्य जानवरों से निजात के लिए कुछ वर्ष पूर्व वन विभाग ने करोड़ों की लागत से जंगल के आसपास हाथी सुरक्षा दीवार बनाई, लेकिन देखरेख के अभाव में यह दीवार केवल शोपीस बनकर रह गई है। जंगल की ओर से दीवार के आसपास मिट्टी के टीले लगे हुए है। वहीं, सड़क की ओर से भी हाथी सुरक्षा दीवार को आसानी से लांघ रहे हैं। स्थानीय काश्तकार कई बार वन विभाग से हाथी सुरक्षा दीवार की ऊंचाई बढ़ाने की मांग उठा चुके हैं। लेकिन, सरकारी सिस्टम समस्या को लेकर लापरवाह बना हुआ है। कई बार हाथी सुरक्षा दीवार पार करते समय हाथी सड़क से गुजरने वालों को भी दौड़ा चुका है।