जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : नगर निगम की ओर से बिना सूचना दिए झंडीचौड़ में गोशाला तोड़े जाने पर गोपालकों ने रोष व्यक्त किया है। कहा कि उनकी परिवार की आर्थिकी का जरिया गोपालन ही था। ऐसे में अब उनके समक्ष आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
वार्ड नंबर 37 झंडीचौड़ में प्रशासन ने 28 अप्रैल को गोशाला ध्वस्त कर दी थी। इसी संबंध में सोमवार को अंबेडकर बस्ती निवासी बृजेश देवी, प्रभा देवी, मुन्नू सिंह तहसील में पहुंचे। उन्होंने उपजिलाधिकारी संदीप कुमार के माध्यम से जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजा। बताया कि वह पशुपालन व्यवसाय से ही अपने परिवार का भरण-पोषण करते आ रहे है, जिसके लिए उनके पूर्वजों ने करीब आठ दशक पूर्व से ही अंबेडकर बस्ती में गोशालाएं बनाई हुई हैं। लेकिन नगर निगम प्रशासन ने उन्हें बिना सूचना दिए ही उनकी गोशालाओं को तोड़ दिया है। कहा कि नगर निगम की कार्यवाही से अनुसूचित समाज में आक्रोश पनप रहा है। अनुसूचित परिवारों की चार पीढ़ियां इसी पशुपालन से अपने परिवार का भरण पोषण करती आ रही है। ज्ञापन में तोड़फोड़ की कार्यवाही को तत्काल रोकने, पूर्व से काबिज लोगों का पुनर्वास करने की मांग की गई है। इस मौके पर मौके पर गीता सिंह, विशंबर सिंह, मंगतराम, गुड्डी देवी, मधुबाला, रामेश्वरी देवी, मनोज सिंह, मीना देवी, रिंकी, सावित्री देवी सहित अन्य मौजूद रहे।