अल्मोड़ा। मोहान वन क्षेत्र के अंतर्गत तड़म ग्राम सभा में बाघ के सफल रेस्क्यू के बाद वन विभाग ने क्षेत्र में निगरानी और गश्त बढ़ा दी है। वन विभाग की टीमें क्षेत्र में कैंप कर मानव-वन्यजीव संघर्ष की संभावित घटनाओं की रोकथाम में जुटी हैं। साथ ही ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए प्रचार-प्रसार और जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। उप संभागीय वनाधिकारी काकुल पुंडीर ने बताया कि विभाग द्वारा क्षेत्र में तीन विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो प्रतिदिन प्रभावित इलाके में निगरानी और गश्त कर रही हैं। टीमों को अनाइडर, फॉक्स लाइट, राइफल और गांधी बंदूक जैसे सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। ग्रामीणों को सतर्क करने के लिए क्षेत्र में जागरूकता पोस्टर भी लगाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि ट्रैप कैमरों और ड्रोन की मदद से लगातार निगरानी की जा रही है। गश्ती दल बाघ के पदचिह्नों और अन्य गतिविधियों के संकेतों की लगातार तलाश कर रहे हैं। गांव और आरक्षित वन क्षेत्र की सीमा पर वनाग्नि रेखा तैयार करने का कार्य भी जारी है। वन विभाग के अनुसार क्षेत्र में अब तक नौ पिंजरे लगाए जा चुके हैं, जिनकी लगातार निगरानी की जा रही है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि अथवा वन्यजीव की सूचना तुरंत विभाग को दें और अनावश्यक रूप से वन क्षेत्र की ओर न जाएं। विभाग का कहना है कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और क्षेत्र में निगरानी आगे भी जारी रहेगी।