नईदिल्ली, जसप्रीत बुमराह के लिए आईपीएल 2026 का सीजन अच्छा नहीं गुजर रहा है. वो अब तक 10 मैचों में सिर्फ तीन विकेट ही ले सके हैं. इस दौरान उन्होंने 37 ओवरों में 8.89 की इकॉनमी से 329 रन भी लुटाए. हैरानी की बात ये है कि बुमराह इस सीजन में सातवें मैच में कोई विकेट नहीं ले सके. जिससे उनके प्रदर्शन पर सवाल उठने लगे हैं.
भारतीय क्रिकेट के दिग्गज सुनील गावस्कर का मानना है कि समस्या उनकी कोशिश में नहीं, बल्कि इस बात में है कि बुमराह बहुत ज्यादा करने की कोशिश कर रहे हैं और अपनी स्वाभाविक लय खो रहे हैं.
गावस्कर ने कहा, बुमराह अपना सर्वश्रेष्ठ दे रहे हैं, लेकिन ऐसा लगता है कि वह बहुत ज्यादा अतिरिक्त चीजें करने की कोशिश कर रहे हैं. वह विकेट लेने के मौके बना रहे हैं, लेकिन किस्मत उनके साथ नहीं है.
उनकी गेंदबाजी के तकनीकी पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए, गावस्कर ने आगे कहा, उनकी गति भी कम हो गई है. उनकी पसंदीदा धीमी गेंद की लेंथ अब ज्यादा फुल हो गई है. जो लाइन पहले स्टंप्स को निशाना बनाती थी, वह अब लेग स्टंप की ओर जा रही है. वह ज्यादा नो-बॉल फेंकने के लिए नहीं जाने जाते हैं, लेकिन इस सीजन में वह पहले ही छह या सात नो-बॉल फेंक चुके हैं.
गावस्कर के अनुसार, बुमराह के प्रयोगों ने उनकी स्वाभाविक लय को बिगाड़ दिया है, जिससे वह खेल के अहम चरणों में कम प्रभावी साबित हो रहे हैं. वह चीजों को जरूरत से ज्यादा कर रहे हैं, और यही उन्हें नुकसान पहुंचा रहा है. उन्हें अपनी बेसिक पर लौटना चाहिए और उसी पर टिके रहना चाहिए जो उनके लिए सबसे अच्छा काम करता है. नई चीजें आजमाने से उनकी लय प्रभावित हो रही है और किस्मत भी उनका साथ नहीं दे रही है. बुमराह को चीजों को आसान रखना चाहिए और अपनी गेंदबाजी को जरूरत से ज्यादा जटिल बनाना बंद कर देना चाहिए.
भारत के पूर्व बैटिंग कोच और ऑलराउंडर संजय बांगर का मानना है कि इसका हल सिर्फ टेक्निकल नहीं हो सकता. बांगर ने कहा, हम अब ऐसी स्थिति में हैं, जहां मैनेजमेंट शायद ईमानदारी से बैठकर बुमराह से बात कर सकता है. उनसे पूछ सकता है, ‘क्या तुम अंदर से 100त्न ठीक महसूस कर रहे हो?, क्या तुम एक या दो मैच के लिए ब्रेक लेना चाहते हो?
यह सुझाव इस सोच पर आधारित है कि बुमराह को कुछ समय के लिए खेल से दूर रहने, शारीरिक और मानसिक रूप से खुद को रीसेट करने और फिर सीजन के आखिरी दौर के लिए ज्यादा बेहतर होकर लौटने से फायदा हो सकता है.