बिग ब्रेकिंग

मौत के मुंह से बचकर निकली 35 जिंदगियां

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दिल्ली -देहरादून शताब्दी एक्सप्रेस के कोच में लग्
ाी भीषण आग
देहरादून। दिल्ली से देहरादून आ रही शताब्दी एक्सप्रेस के एक एसी कोच में रायवाला जंक्शन से कुछ आगे कांसरों के जंगल में अचानक आग लग गई। इससे यात्रियों में हड़कंप मच गया। एमरजेंसी ब्रेक लगाकर लोको पायलट ने ट्रेन को जंगल में ही रोक दिया। कोच में सवार सभी 35 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। रेलवे स्टाफ ने तत्परता दिखाते हुए ट्रेन के बीच में लगे इस कोच को काटकर अन्य बोगियों को सुरक्षित किया। कुछ ही देर में पूरी बोगी धू-धूकर जलने लगी। गनीमत रही कि किसी भी यात्री को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। हालांकि कुछ यात्रियों का सामान नष्ट हो गया। इधर, टै्रक बाधित होने के चलते देहरादून से जाने वाली और यहां आने वाली ट्रेन का संचालन प्रभावित हुआ। घटना दोपहर करीब साढ़े बारह बजे की है। शताब्दी एक्सप्रेस (12017) रायवाला जंक्शन से चलकर राजाजी टाइगर रिवर्ज की कांसरो रेंज से होकर देहरादून की ओर बढ़ रही थी। कांसरो स्टेशन के समीप शताब्दी के एसी कोच (सी-5) में अचानक आग लग गई। आग की लपटें देखकर इसमें सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। कुछ यात्रियों ने चेन खींचकर ट्रेन के लोको पायलट को सूचित किया। इसके बाद इमरजेंसी ब्रेक से ट्रेन, राजाजी टाइगर रिजर्व की कांसरे रेंज कार्यालय के समीप रोक ली गई। ट्रेन रुकते ही कोच में सवार यात्री जान बचाकर बाहर की तरफ भागे। कुछ यात्री इस हड़बड़ाहट में अपना सामान भी नहीं निकाल पाए। इस बीच आग भीषण रूप ले चुकी थी। रेलवे स्टाफ ने तत्परता दिखाते हुए इंजन के बाद आठवें नंबर पर जुड़ी इस बोगी को अलग किया। इस तरह सात व पीछे की पांच अन्य बोगियों में आग फैलने से बच गई। देखते ही देखते पूरा कोच आग की लपटों से धू-धू कर जल उठा। कांसरो में जिस स्थान पर यह हादसा हुआ, वहां वन विभाग के रेंज कार्यालय व छोटे से रेलवे स्टेशन के अलावा कोई आबादी नहीं है। घटना की सूचना पाकर सबसे वन रेंज अधिकारी राजेंद्र प्रसाद नौटियाल टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वन कर्मियों ने यात्रियों व उनके सामान को सुरक्षित निकालने में बड़ी मदद की। कुछ देर बाद थानाध्यक्ष रायवाला अमरजीत सिंह भी पहुंच गए। ऋषिकेश तथा डोईवाला से दमकल की छह गाडिय़ां भी मौके पर पहुंची। दमकल दस्ते ने कोच में लगी आग को बुझाया मगर, तब तक पूरा कोच जलकर कबाड़ बन चुका था। इस बीच रेलवे के आला अधिकारी भी पहुंच गए। उत्तर रेलवे मुरादाबाद मंडल की प्रवर मंडल वाणिज्य प्रबंधक रेखा शर्मा ने बताया कि शताब्दी एक्सप्रेस के जिस सी-5 कोच में आग लगी थी, उसमें सवार सभी 35 यात्री सुरक्षित हैं। सभी यात्रियों को अन्य कोच में शिफ्ट करके देहरादून भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। रेखा शर्मा ने बताया कि देहरादून में कुल 316 यात्री उतरे हैं, जिन्हें रेलवे कर्मचारियों द्वारा स्टेशन पर सभी सहायता प्रदान की गई है। डीआरएम तरुण प्रकाश अधिकारियों की टीम के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं।
पूर्व मुख्यमत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस घटना पर ट्वीट कर कहा कि कोच में आग लगने का दुखद समाचार प्राप्त हुआ। यह घटना राजाजी टाइगर रिजर्व की कांसरो रेंज के पास हुई। ईश्वर की कृपा से सभी यात्री सुरक्षित हैं और किसी के भी हताहत होने की सूचना नहीं मिली है।
नई दिल्ली से देहरादून आ रही शताब्दी एक्सप्रेस में राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी भी बैठे थे। ट्रेन की आग के साथ उनके दून में राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शामिल होने के अरमान भी जल गए। आग की घटना में खिलाड़ियों का पूरा सामान जलकर राख हो गया। इस सामान के बिना वह प्रतियोगिता में भाग नहीं ले सकते। दून में चल रही राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में शामिल होने आ रहे मध्य प्रदेश के आठ खिलाड़ी इस डिब्बे में मौजूद थे। उनके साथ दो कोच भी थे। दरअसल, उत्तराखंड तीरंदाजी संघ की ओर से 41वीं एनटीपीसी राष्ट्रीय जूनियर तीरंदाजी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। सर्वे ऑफ इंडिया के स्टेडियम में चल रही प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों की टीमें शामिल हो रही हैं। खिलाड़ियों ने बताया कि वे चार पुरुष और चार महिला खिलाड़ी प्रतियोगिता में शामिल होने आ रहे थे, लेकिन उनका तीरंदाजी का सामान जल गया है। जिसके चलते वे प्रतियोगिता में भाग नहीं ले सकते। खिलाडिय़ों के मुताबिक, प्रत्येक खिलाड़ी का करीब तीन लाख रुपये से अधिक का सामान जला है। भारतीय तीरंदाजी संघ के कोषाध्यक्ष राजेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि ट्रेन से आ रहे मध्य प्रदेश के खिलाड़ी सुरक्षित हैं, लेकिन उनका सामान जल गया। अब ये बच्चे प्रतियोगिता में नहीं खेल पाएंगे। एक धनुष की कीमत दो से तीन लाख के बीच होती है। इतने महंगे उपकरण तत्काल खरीदना संभव नहीं है।

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