चमोली। बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने से पहले ही वहां पर कार्यक्रम कराने पर धाम से जुड़े तीर्थ पुरोहितों व पंडा समाज ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यह धाम की परंपरा के विरुद्ध है। वहीं बीकेटीसी ने भी इसे अनुचित बताया। बृहस्पतिवार को सेना की ओर से बदरीनाथ धाम में सूर्य देवभूमि चैलेंज प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ। वहां पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। तीर्थ पुरोहितों ने इस पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यह परंपराओं के विपरीत है। चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत के महासचिव डॉ. बृजेश सती का कहना है कि बदरीनाथ धाम में छह माह देव पूजा का विशेष महत्व है। इस दौरान वहां मानव गतिविधियां संचालित नहीं हो सकती हैं। ऐसे में कपाट खुलने से चंद दिन पहले वहां कार्यक्रम करवाना परंपराओं का उल्लंघन है। तीर्थ पुरोहित इसका विरोध करते हैं। बदरीश पंडा पंचायत के अध्यक्ष प्रवीन ध्यानी का कहना है कि बदरीनाथ धाम के कपाट अभी बंद हैं। यह समय देवपूजा का होता है ऐसे में वहां मानव गतिविधियां नहीं होनी चाहिए। वहीं बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी का कहना है कि धामों में परंपराओं के विरुद्ध कोई कार्य करना अनुचित है। पौराणिक काल से चली आ रही परंपराओं का उल्लंघन नहीं होना चाहिए।