ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ: अमित शाह ने किया सेना के शौर्य को सैल्यूट, बोले- दुश्मन कहीं भी छिप जाएं, बच नहीं सकते

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नई दिल्ली , पूरा हिंदुस्तान ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ मना रहा है। इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारतीय सेना के शौर्य को सैल्यूट किया है। उन्होंने कहा कि दुश्मनों को हमारे सशस्त्र बलों की अचूक प्रहार क्षमता की याद दिलाता रहेगा। गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ऑपरेशन सिंदूर भारत का एक ऐतिहासिक अभियान है, जो हमेशा हमारे दुश्मनों को हमारे सशस्त्र बलों की अचूक प्रहार क्षमता की याद दिलाता रहेगा। उन्होंने कहा, इतिहास इस दिन को हमारी सशस्त्र सेनाओं की सटीक मारक क्षमता, हमारी एजेंसियों की पैनी खुफिया जानकारी और दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति के उस दिन के रूप में याद रखेगा, जब ये सभी एकजुट होकर सीमा पार मौजूद आतंकवाद के हर उस ठिकाने को नेस्तनाबूद करने के लिए उठ खड़े हुए थे, जिसने पहलगाम में हमारे नागरिकों पर अपनी काली छाया डालने का दुस्साहस किया था।
अमित शाह ने कहा कि यह दिन हमारे दुश्मनों के लिए यह भयावह संदेश लेकर आता रहेगा कि वे कहीं भी छिप जाएं, वे बच नहीं सकते। वे हर पल हमारी नजरों में और हमारी प्रचंड मारक शक्ति के निशाने पर हैं। शाह ने आखिर में लिखा, इस दिन मैं हमारे बलों के अद्वितीय शौर्य को सैल्यूट करता हूं।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने लिखा, 22 मिनट, भारत के सशस्त्र बलों को आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद करने और अपने दुश्मनों को यह याद दिलाने में बस इतना ही समय लगा कि नया भारत पूरी सटीकता, शक्ति और आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस के साथ जवाब देता है।
पीयूष गोयल ने एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें पहलगाम हमले, प्रधानमंत्री मोदी की आतंकियों को चेतावनी और भारत की सैन्य कार्रवाई को दिखाया गया है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने लिखा, ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर हमारे वीर सुरक्षाबलों के अदम्य साहस, पराक्रम और राष्ट्र रक्षा के संकल्प को कोटि-कोटि नमन। जिन आतंकियों ने हमारी बहनों का सिंदूर उजाड़ा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने उन्हें मिट्टी में मिलाकर यह स्पष्ट संदेश दिया कि नया भारत हर अन्याय का निर्णायक उत्तर देना जानता है।
उन्होंने लिखा, ऑपरेशन सिंदूर राष्ट्र के स्वाभिमान, न्याय और अटूट संकल्प का प्रतीक है। यह गौरवशाली विजयगाथा उन ताकतों के लिए अंतिम चेतावनी है जो भारत की अखंडता को चुनौती देने का दुस्साहस करती हैं।

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