उत्तराखंड

बैंक को ब्याज सहित रकम लौटाने के आदेश

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काशीपुर। बैंक खाते से अचानक रकम घटने के मामले में पांच साल बाद उपभोक्ता आयोग ने एसबीआई शाखा को मूल रकम पर ब्याज, मानसिक पीड़ा एवं केस दर्ज कराने के एवज में रकम देने के आदेश दिए हैं। आयोग ने मामले में शाखा प्रबंधक पर लापरवाही बरतने की बात कही है। गुरुद्वारा के समीप रहने वाले देवेंद्रजीत सिंह की बेटी सुप्रीत चीमा का एसबीआई की स्थानीय में खाता था। बताते हैं बैंक ने उसे क्लासिक वीजा एटीएम कार्ड दिया था। वर्ष 2017 की मई को सुप्रीत के मोबाइल पर 37 हजार रुपये कटने का मैसेज आया। रकम कटने पर उसने इसकी शिकायत तत्कालीन शाखा प्रबंधक से की, लेकिन प्रबंधक ने कार्रवाई करने के बजाय उसे यह कहकर टरका दिया कि उसने आमेर राजस्थान में रकम निकाली है। जबकि सुप्रीत कभी आमेर गई ही नहीं। सुप्रीत के पिता ने कोतवाली में अगस्त 2017 को रिपोर्ट दर्ज कराकर बैंक को नोटिस भिजवाया। प्रबंधक ने सुप्रीत पर ही एटीएम के जरिये रकम निकालने का जवाब दिया। इससे सुप्रीत को मानसिक आघात पहुंचा। उसने जिला उपभोक्ता विवाद परितोष आयोग में 63 हजार रुपये प्रतिपूर्ति का वाद दायर किया। आयोग ने दावा स्वीकार कर 30 दिन में निर्णय दिया। परिवादनी को 37 हजार की रकम को सात प्रतिशत ब्याज की दर से भुगतान करने के आदेश दिया। साथ ही बैंक सेवा में कमी, मानसिक आघात पहुंचाने पर आठ हजार रुपये, केस दर्ज कराने पर खर्च के पांच हजार रुपये वादी को देने के आदेश दिए हैं।

 

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