जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : गर्मी का पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। ऐसे में कोटद्वार से मैदान व पहाड़ के लिए सफर करने वाले यात्रियों की चुनौती बढ़ती जा रही है। हालत यह है कि बस अड्डे में छांव के लिए एक यात्री शेड तक नहीं है। यही नहीं, स्टेशन में यात्रियों के प्यास बुझाने तक की व्यवस्था नहीं की गई है। ऐसे में यात्री सूखे कंठ चिलचिलाती धूप में बस का इंतजार करने को मजबूर हो रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी बुजुर्ग व बच्चों के साथ सफर करने वालों को होती है।
कोटद्वार को गढ़वाल का द्वार कहा जाता है। यही कारण है कि यहां से प्रतिदिन सैकड़ों लोग पहाड़ व मैदान के लिए आवागमन करते हैं। लेकिन, यात्रियों की सुविधा के लिए परिवहन निगम व स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई व्यवस्था नहीं की गई है। नतीजा, भीषण गर्मी के बीच यात्री चिलचिलाती धूप में वाहनों का इंतजार करने के लिए मजबूर हो रहे हैं। थके हारे कई यात्री आसपास की दुकानों के बाहर बैठे रहते हैं। स्टेशन में यात्रियों की प्यास बुझाने तक की व्यवस्था नहीं है। नतीजा, यात्रियों को बाजार से पानी की बोतल खरीदनी पड़ती है। पूर्व में कई सामाजिक संस्थाओं ने नगर निगम व स्थानीय प्रशासन से व्यवस्थाओं को बेहतर बनवाने की मांग उठाई। लेकिन, अब तक इस ओर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया। नतीजा, पारा चढ़ने के साथ ही यात्रियों की समस्या भी बढ़ती जा रही है।
यात्री शेड पर कब्जा
बस स्टैंड से चंद कदम की दूरी पर बाजार चौकी के समीप एक यात्री शेड मौजूद है। लेकिन, अवैध अतिक्रमणकारियों ने इस यात्री शेड पर कब्जा जमाया हुआ है। हालात यह है कि यात्री शेड के बाहर फल-सब्जी व अन्य सामान की फड़ लगी रहती हैं व शेड के भीतर भी इन्हीं का कब्जा रहता है। हैरानी वाली बात तो यह है कि अतिक्रमण हटाने का दावा करने वाले नगर निगम व पुलिस को भी कभी यह अतिक्रमण नजर नहीं आया। वहीं, शाम ढलते ही यात्री शेड की आड़ में असामाजिक तत्व बैठे रहते हैं।