जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : रवींद्र नाथ टैगोर की जयंती पर सरस्वती शिशु मंदिर जानकीनगर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें विद्यार्थियों को रवींद्र नाथ टैगोर की जीवनी के बारे में बताया गया। कहा कि बेहतर समाज निर्माण के लिए दिए गए टैगोर के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्य महेंद्र गौड़ ने रवींद्र नाथ टैगोर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया। कहा कि रवींद्रनाथ टैगोर एक महान कवि, उपन्यासकार, नाटककार व संगीतकार थे। उन्होंने भारतीय संस्कृति को वैश्विक मंच पर पहचान दिलवाई। 1913 में गीतांजलि के लिए नोबेल पुरस्कार मिला। टैगोर ने जन-गण मन और आमार सोनार बांग्ला जैसे राष्ट्रगीतों की रचना की। शिक्षक प्रयागदत्त चमोली ने रवींद्र नाथ टैगोर की कविताओं का वाचन भी किया। कहा कि हम सभी को महापुरुषों के बताए मार्ग पर चलना चाहिए। एक बेहतर सोच ही बेहतर समाज का निर्माण कर सकती है। इस मौके पर योगेश नेगी, गीता रावत, अंचल कुमार अग्रवाल, सुनीता पंत, अंजू चमोली, कीर्ति द्विवेदी, श्रेया चौधरी, दीक्षा, पूजा चतुर्वेदी, हेमा पांडेय आदि मौजूद रहे।