जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग को लेकर गोसेवकों ने शहर में रैली निकाली। कहा कि गोवंश को सड़क पर छोड़ने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
इस संबंध में लोगों ने गो सम्मान आह्वान अभियान के तहत गोपाल गोधाम सेवा संस्थान के बैनर तले रैली निकाली गई। इसके उपरांत उन्होंने प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा। गो सेवकों ने गोवंश की रक्षा के लिए सख्त कदम उठाने की मांग उठाई। कहा गया कि वर्तमान में देश के कई राज्यों में गोवध पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध है। लेकिन, कुछ राज्यों में अभी भी गोवंश की हत्याएं की जा रही है। कहा कि उन राज्यों के वधशालाओं के लाइसेंस रद्द होने चाहिए। साथ ही वधशालाओं पर कार्यवाही करते हुए स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया जाए। इसके अलावा देशी गोवंश को राष्ट्रमाता या राष्ट्र आराध्या घोषित कर संवैधानिक मान्यता प्रदान की जाए। ज्ञापन में गो तस्करी व गोवध को संज्ञेय व गैर जमानती अपराध की श्रेणी में रखने, अपराधियों को आजीवन कारावास की सजा व संपत्ति कुर्क करने, पंचगव्य अनुसंधान को बढ़ावा देते हुए इन्हें प्राकृतिक कृषि उत्पाद हेतु जैविक खाद, कीटनाशक व औषधि के रूप में सरकारी तंत्र से जोड़ने, प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर नंदीशाला व जिला स्तर पर एक आदर्श गो अभ्यारण या वृहद गोशाला की स्थापना करने की मांग की गई। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्गों व राज्य मार्गों पर गो वाहिनी एंबुलेंस सेवा की सुविधा देने, सरकारी स्कूलों में गो विज्ञान को अनिवार्य विषय के रूप में शामिल करने और देश में एक सुदृढ चारा सुरक्षा कानून बनाने की भी मांग की गई है। रैली में गोपाल कृष्ण अग्रवाल, राजेंद्र जखमोला, महावीर सिंह रावत, गोपाल बंसल, जसपाल सिंह रावत, अनुसुया मुंडेपी, आरती बिष्ट, सर्वेश्वरी किमोठी सहित तमाम जन मौजूद रहे।