जयन्त प्रतिनिधि।
थलीसैंण : शुक्रवार को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय थलीसैंण में नमामि गंगे एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वावधान में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय परिसर में विभिन्न फलदार और छायादार प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया।
नमामि गंगे द्वारा निर्धारित थीम “प्रकृति से प्रेरित जलवायु के लिए, हमारे भविष्य के लिए” के अनुरूप आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण तथा प्रकृति के प्रति सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम का शुभारम्भ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. योगेन्द्र चन्द्र सिंह ने किया। उन्होंने महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा पर केंद्रित है, जिसका उद्देश्य प्लास्टिक कचरे को कम करना, पुनर्चक्रण को बढ़ावा देना और प्राकृतिक संसाधनों के क्षरण को रोकना है। नमामि गंगे के नोडल अधिकारी डॉ. विवेक रावत ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की शुरुआत व्यक्तिगत स्तर से होती है, जैसे हर वर्ष कम से कम एक पेड़ लगाना, सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग कम करना आदि।