सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के जुर्म में 19 साल से जेल में बंद उम्रकैदी गगन सिंह को दी जमानत

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नई दिल्ली, एजेंसी। सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के जुर्म में उम्र कैद काट रहे 19 साल से जेल में बंद कैदी गगन सिंह को जमानत दे दी है। इसके साथ ही कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश दिया कि वह कैदी की समय पूर्व रिहाई पर विचार करे। कोर्ट ने प्रदेश सरकार से तीन महीने में प्रक्रिया पूरी कर कोर्ट में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है।
ये आदेश न्यायमूर्ति एएम खानविल्कर व दिनेश महेश्वरी की पीठ ने गगन सिंह की समय पूर्व रिहाई (प्रिमेच्योर रिलीज) की मांग याचिका पर सुनवाई के दौरान दिए। इससे पहले कैदी की ओर से पेश वकील जितेंद्र सिंह ने कोर्ट से कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा मारू राम केस में तय व्यवस्था के मुताबिक 14 साल की सजा पूरी होने के बाद कैदी की समय पूर्व रिहाई पर राज्य सरकार को विचार करना चाहिए। गगन पिछले 19 सालों से सजा काट रहा है लेकिन सरकार ने उसकी समय पूर्व रिहाई के लिए आदेश नहीं किया। राज्य सरकार ने बिना कोई ठोस कारण बताए उसकी अर्जी ठुकरा दी जो उचित नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट ने दलीलें सुनने के बाद अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता गगन सिंह यूपी प्रिजनर्स रिलीज आन प्रोबेशन एक्ट 1938 और सीआरपीसी के प्रविधानों के मुताबिक समय पूर्व रिहाई के योग्य हो सकता है। इसके साथ ही कोर्ट ने आदेश दिया कि इस बीच गगन सिंह जमानत पर रिहा किया जाएगा। जमानत की शर्तें संबंधित ट्रायल कोर्ट की संतुष्टि की होंगी।
फिलहाल गगन सिंह आदर्श कारागार लखनऊ में बंद है। उसे निचली अदालत ने हत्या के जुर्म में फांसी की सजा सुनाई थी लेकिन हाईकोर्ट ने फांसी की सजा उम्रकैद में तब्दील कर दी थी। याचिका में कहा गया कि गगन का जेल में आचरण अच्छा रहा है। पूर्वोत्तर राज्य असम में बीजेपी सरकार में वापस लौट सकती है। वहीं तमिलनाडु में कांग्रेस को खुशखबरी मिलने की उम्मीद है। एबीपी न्यूज-सी वोटर के ओपिनियन पोल के मुताबिक केरल में लेफ्ट का किला बचा रह सकता है। पोल के अनुसार असम में बीजेपी को 68 से 76 सीटें मिल सकती हैं। वहीं कांग्रेस गठबंधन को 43 से 51 सीटें हासिल हो सकती हैं। अन्य दलों के खाते में 5 से 10 सीटें जा सकती हैं। तमिलनाडु की बात करें तो ओपिनियन पोल में डीएमके-कांग्रेस गठबंधन को 154 से 162 सीटें मिलने का अनुमान है। इसके अलावा बीजेपी और एआईएडीएमके गठबंधन को 58 से 66 सीटें मिल सकती हैं। एलडीएफ के खाते में 8 से 20 सीटें जा सकती हैं। केरल में वामपंथी दलों की सत्ता में वापसी हो सकती है। ओपिनियन पोल में केरल में वामपंथी दलों के गठबंधन के सत्ता में वापसी में लौटने की भविष्यवाणी की गई है। तटीय राज्य में एलडीएफ तो 83 से 91 सीटें मिल सकती हैं। कांग्रेस गठबंधन यूडीएफ को 47 से 55 सीटें मिल सकती हैं। वहीं बीजेपी को 0 से 2 सीटें ही मिल सकती हैं। बता दें कि पश्चिम बंगाल, असम समेत 5 राज्यों के लिए चुनाव का बिगुल बज चुका है। पश्चिम बंगाल में 8 चरणों में चुनाव होने हैं, जबकि असम में तीन राउंड में मतदान होने वाला है।
केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में एक ही राउंड में 6 अप्रैल को मतदान होना है। 2 मई को सभी 5 राज्यों के चुनाव नतीजों का एक साथ ही ऐलान होगा। पश्चिम बंगाल में यह चुनाव टीएमसी के लिए बेहद अहम है। दो बार से सत्ता में कायम ममता बनर्जी को इस बार बीजेपी से कड़ी चुनौती मिल रही है। वहीं असम में बीजेपी पूर्ण बहुमत से बनी अपनी पहली सरकार को दोबारा सत्ता में लाने के लिए मैदान में उतरेगी।
पश्चिम बंगाल में पहले चरण का मतदान 27 मार्च को होगा। इसके बाद 1 अप्रैल को दूसरे राउंड की वोटिंग होनी है। 6 अप्रैल को तीसरे राउंड की वोटिंग होगी। चौथे चरण की वोटिंग 10 अप्रैल को होनी है। 17 अप्रैल को 5वें चरण की वोटिंग होगी। इसके बाद 22 अप्रैल को पश्चिम बंगाल में छठे राउंड की वोटिंग होगी। सातवें राउंड का मतदान 26 अप्रैल को कराया जाएगा। इसके अलावा असम में पहले चरण का मतदान 27 मार्च को होगा। दूसरे चरण का मतदान एक अप्रैल को होगा। तीसर चरण की वोटिंग 6 अप्रैल को होगी। 2 मई को चुनाव के नतीजे आ जाएंगे।
चुनाव प्रचार को लेकर भी आयोग की ओर से नियमों में सख्ती की गई है। चुनाव प्रचार के लिए भी गाइडलाइंस जारी करते हुए आयोग ने कहा है कि उम्मीदवार समेत 5 लोगों को घर-घर जाने की इजाजत होगी। यही नहीं नामांकन दाखिल करने के लिए भी र्केडिडेट के साथ सिर्फ दो अन्य लोग जा सकेंगे। रिटर्निंग अफिसर के दफ्तर में सिर्फ दो वाहन ले जाने की ही अनुमति होगी। चुनाव आयुक्त ने कहा कि परीक्षाओं और त्योहारों के दिन मतदान नहीं कराया जाएगा। सभी त्योहारों का ख्याल रखा गया है।

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