फर्जी नियुक्ति पत्र से दून रेलवे स्टेशन पर तीन महीने दो युवतियों की ट्रेनिंग

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देहरादून। रेलवे में सीनियर क्लर्क की नौकरी का नियुक्ति पत्र थमा शातिर ठग दो युवतियों को तीन महीने दून रेलवे स्टेशन पर ट्रेनिंग देता रहा। रेलवे के सीएंडडब्ल्यू विभाग का इंजीनियर बताने वाले इस शातिर ने युवतियों को न सिर्फ फर्जी आई-कार्ड और ज्वाइनिंग लेटर दिए, बल्कि सरकारी क्वार्टर आवंटन के फर्जी कागज भी थमा दिए। जीआरपी पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। सहारनपुर के भुतेश्वर मंदिर रोड निवासी अनामिका ने देहरादून जीआरपी थाने में तहरीर देकर बताया कि रामपुर मनिहारन सहारनपुर निवासी मोहम्मद अहमद ने खुद को रेलवे का अधिकारी बताया। आरोपी ने उसे अपना उत्तर रेलवे का फर्जी आई-कार्ड भी दिखाया। अहमद ने अनामिका और एक अन्य युवती इशरत को रेलवे में सीनियर क्लर्क बनाने का झांसा दिया। आरोपी ने दोनों से नौकरी के एवज में पांच-पांच लाख रुपये में डील की थी। इसमें से वह दो लाख रुपये वसूल चुका था। शेष रकम उसने वेतन शुरू होने के बाद हर महीने देने की बात कही थी।
स्टेशन के एसी वेटिंग हॉल में चलती थी ट्रेनिंग की पाठशाला: इस फर्जीवाड़े में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि आरोपी का दुस्साहस इतना था कि वह युवतियों को ट्रेनिंग के नाम पर देहरादून रेलवे स्टेशन बुलाता था। जनवरी से मार्च 2026 के बीच आरोपी ने कई बार दोनों युवतियों को दून स्टेशन बुलाया। वह उन्हें स्टेशन के एसी वेटिंग हॉल में घंटों बैठाकर ट्रेनिंग देता था। यही नहीं, आरोपी दोनों को इंजन शेड और कोच शेड जैसे तकनीकी विभागों में भी लेकर जाता और वहां काम सिखाने का नाटक करता था। इतने महीनों तक स्टेशन परिसर में यह फर्जीवाड़ा चलता रहा। हैरत की बात यह है कि किसी भी रेलवे अधिकारी या कर्मचारी को इसकी भनक तक नहीं लगी। ऐसे में स्टेशन पर आरोपी की किसी से साठगांठ होने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
ज्वाइनिंग के दिन खुला फर्जीवाड़े का राज: ठग ने अनामिका को बताया था कि 6 मई को उसकी ज्वाइनिंग होनी है। उसे देहरादून रेलवे स्टेशन बुलाया। यहां पहुंचने के बाद आरोपी अचानक गायब हो गया और उसने फोन उठाना बंद कर दिया। परेशान होकर जब अनामिका ने रेलवे स्टेशन के असली अधिकारियों से संपर्क किया और अपने दस्तावेज दिखाए तो पता चला कि उसके ज्वाइनिंग लेटर, आई-कार्ड और सहारनपुर में क्वार्टर आवंटन के सारे पत्र पूरी तरह फर्जी हैं।
जीआरपी ने दर्ज किया केस, आरोपी गिरफ्तार: सच्चाई सामने आने के बाद पीड़िता अनामिका ने तुरंत थाना जीआरपी देहरादून पहुंचकर तहरीर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जीआरपी थाना पुलिस ने धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े की धाराओं में केस दर्ज किया। केस दर्ज करने के बाद आरोपी अहमद को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

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