नईदिल्ली, डेनमार्क के स्टार शटलर विक्टर एक्सेलसेन ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए पेशेवर बैडमिंटन से संन्यास ले लिया. दो बार के ओलंपिक चैंपियन ने कहा कि वह बार-बार होने वाली पीठ की समस्याओं के कारण यह फैसला ले रहे हैं और उनका शरीर अब आगे खेलने की अनुमति नहीं दे रहा है. एक्सेलसेन आखिरी बार अक्टूबर 2025 में फ्रेंच ओपन में खेलते दिखे थे. उनका आखिरी बड़ा टूर्नामेंट पिछले साल इंडिया ओपन था, जिसके बाद उन्हें पीठ की चोट से जूझना पड़ा.
एक्सेलसेन ने इंस्टाग्राम पर एक भावुक बयान में कहा, आज का दिन मेरे लिए आसान नहीं है. पीठ की बार-बार होने वाली समस्याओं के कारण, मैं अब उच्चतम स्तर पर मुकाबला करने और अभ्यास करने में सक्षम नहीं हूं. सर्जरी, कई इंजेक्शन, उपचार और मूल रूप से लंबे समय तक दर्द-मुक्त रहने के लिए सब कुछ आजमाने के बाद, मुझे अपनी दीर्घकालिक सेहत पर ध्यान देने की सलाह दी गई है. इस स्थिति को स्वीकार करना बेहद मुश्किल रहा है. लेकिन अब मैं एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गया हूं जहां मेरा शरीर मुझे आगे जारी रखने की अनुमति नहीं दे रहा है.
एक्सेलसेन इतिहास के सबसे ज्यादा खिताब जीतने वाले पुरुषों के सिंगल्स खिलाड़ियों में से एक के तौर पर रिटायर हुए हैं. उन्होंने टोक्यो 2020 और पेरिस 2024 में ओलंपिक गोल्ड मेडल जीते, साथ ही रियो 2016 में कांस्य पदक भी हासिल किया. उन्होंने 2017 और 2022 में वर्ल्ड चैंपियनशिप के खिताब भी अपने नाम किए. इसके अलावा, वह 180 हफ्तों से ज्यादा समय तक दुनिया के नंबर 1 खिलाड़ी रहे और उन्होंने सभी सुपर 1000 खिताबों पर पूरी तरह से कब्जा किया.
एक्सेलसेन के रिटायर होने पर भारतीय बैडमिंटन स्टार लक्ष्य सेन ने दिल को छू लेने वाला संदेश साझा किया. उन्होंने कहा कि इस डेनिश खिलाड़ी को इस खेल को खेलने वाले अब तक के सबसे महान खिलाड़ियों में से एक के तौर पर याद किया जाएगा.
सेन ने एक्स पर एक्सेलसेन के साथ पेरिस ओलंपिक सेमीफाइनल की एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा, बैडमिंटन खुद को खुशकिस्मत मानता है कि उसे आप जैसा खिलाड़ी मिला, और वह आपको इस खेल को खेलने वाले अब तक के सबसे महान खिलाड़ियों में से एक के तौर पर याद रखेगा. लेकिन जो चीज आपको सचमुच सबसे अलग बनाती है, वह सिर्फ आपका चैंपियन होना नहीं है, बल्कि वह इंसान है जो आप हैं, एक ऐसा इंसान जिसकी पहचान मैचों और मेडल्स से कहीं ज्यादा बड़ी है.
उन्होंने आगे कहा, दुबई में आपके साथ ट्रेनिंग करने से लेकर ऑल इंग्लैंड ओपन जैसे सबसे बड़े मंचों में से एक पर कदम रखने और फिर ओलंपिक में आपके खिलाफ खेलने तक, यह एक अविश्वसनीय सफर रहा है. रिटायरमेंट की शुभकामनाएं! आगे के सफर के लिए आपको ढेर सारी शुभकामनाएं.