रुद्रपुर। पंडित रामसुमेर शुक्ल राजकीय मेडिकल कॉलेज के जवाहर लाल नेहरू (जेएलएन) अस्पताल में प्रसव के बाद एक महिला की मौत हो जाने पर गुरुवार को जमकर हंगामा हुआ। परिजनों ने चिकित्सकीय सुविधाओं की कमी और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए थाना पंतनगर में तहरीर देकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। गुस्साए परिजनों ने करीब साढ़े नौ घंटे तक महिला का शव लेबर रूम से बाहर नहीं निकलने दिया। इधर, मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य ने मामले की जांच को चार सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। रुद्रपुर की सिंह कॉलोनी गली नंबर-1 निवासी सौरभ मिश्रा ने बताया कि वह मूल रूप से पीलीभीत जिले के पूरनपुर के रहने वाले हैं। बुधवार रात करीब साढ़े सात बजे वह अपनी गर्भवती पत्नी 28 वर्षीय ज्योति पांडे को प्रसव पीड़ा होने पर जवाहर लाल नेहरू अस्पताल के गायनी वार्ड में लेकर पहुंचे। उनके साथ रिश्ते की बुआ प्रमिला मंडल, उनकी बेटी और दामाद भी थे। पुलिस को दी तहरीर में सौरभ ने आरोप लगाया कि अस्पताल में मौजूद नर्सिंग स्टाफ ने ज्योति को भर्ती तो कर लिया, लेकिन वहां कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था। रात करीब 11 बजे ज्योति को लेबर रूम ले जाया गया और रात करीब डेढ़ बजे उसने सामान्य प्रसव से बेटी को जन्म दिया। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और उसे सांस लेने में दिक्कत होने लगी। सौरभ मिश्रा ने आरोप लगाया कि ऑक्सीजन उपलब्ध न होने के कारण स्थिति गंभीर हो गई। उन्होंने पत्नी को अन्य अस्पताल रेफर करने की मांग की, लेकिन मौके पर डॉक्टर न होने के कारण ऐसा नहीं हो सका। उनका आरोप है कि सुबह पांच बजे उन्हें पत्नी की मौत की सूचना दी गई, जबकि उन्हें पता चला कि ज्योति की मौत रात करीब दो बजे ही हो चुकी थी। आरोप लगाया कि उपचार में गंभीर लापरवाही के कारण ही ज्योति की जान गई। उनका कहना है कि ज्योति पूरी तरह स्वस्थ थी और सामान्य प्रसव के बाद केवल लापरवाही के चलते उसकी मौत हुई। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर मामले में लापरवाही बरतने वाले दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।