जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : गर्मी का पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। ऐेसे में शहर में लीकेज पेयजल लाइनें लोगों के कंठ सूखा रहे हैं। दरअसल, इन लीकेज लाइनों से सड़कें तो तर हो रही हैं। लेकिन, घरों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है। यदि समय पर इन ओर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया तो गर्मी में चुनौती और अधिक बढ़ सकती है।
गढ़वाल के प्रवेश द्वार कोटद्वार में सत्तर के दशक में पेयजल लाइन बिछाई गई थी। उस समय कोटद्वार व भाबर क्षेत्र की जनसंख्या करीब 30 से 35 हजार थी। लेकिन, वर्तमान में यह संख्या डेढ़ लाख के पार पहुंच गई है। जनसंख्या व भवनों की संख्या बढ़ने से शहर में कनेक्शनों की संख्या तो बढ़ी। लेकिन, पेयजल लाइनें पुरानी ही चल रही हैं। नतीजा, दशकों पुरानी पेयजल लाइन शहरवासियों के लिए चुनौती बन रही है। जगह-जगह लीकेज पेयजल लाइनों से कई लीटर पानी सड़क पर बहता रहता है। सबसे बुरी स्थिति बाजार क्षेत्र में बनी हुई है। सड़क पर बह रहे पानी के कारण यातायात व्यवस्था व पैदल चलने में भी परेशानी होती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मी का पारा चढ़ने के साथ ही स्थिति विकराल होगी। लीकेज पेयजल लाइनों के कारण घरों में पर्याप्त पानी तक नहीं पहुंच पाता, जिसके कारण वार्डवासियों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। पुरानी पेयजल लाइन को हटाकर नई लाइन बिछाने के लिए कई बार जनप्रतिनिधि व अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं। लेकिन, अब तक हालत जस के तस बने हुए हैं। जबकि, पूर्व में विधानसभा अध्यक्ष अध्यक्ष ऋतु खंडूडी भूषण ने भी अधिकारियों को लीकेज लाइनों को बदलने का निर्देश दिए थे।
लीकेज से पहुंच रहा दूषित पानी
शहर में कई स्थानों पर पेयजल लाइन गंदे नाले से होकर गुजर रही है। ऐसे में लीकेज पेयजल लाइन से होते हुए गंदा पानी घरों तक पहुंच रहा है। काशीरामपुर तल्ला, काशीरामपुर मल्ला, देवी रोड सहित भाबर क्षेत्र के अन्य वार्डों में यह समस्या है। गंदे पानी की आपूर्ति से लोगों को संक्रामक बीमारियों का भी खतरा बना रहता है।