पहाड़ की संस्कृति और भूमि संरक्षण के लिए एकजुटता का आह्वान

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : उत्तराखंड क्रांति दल ने पहाड़ी भूमि, पर्यावरण और सांस्कृतिक धरोहर को बचाने के लिए आम जनता से एकजुट होकर आगे आने की अपील की है। संगठन का कहना है कि यदि समय रहते सामूहिक प्रयास नहीं किए गए तो पहाड़ की मूल पहचान और संसाधन खतरे में पड़ सकते हैं।
जैहरी में आयोजित कार्यक्रम में ब्लॉक अध्यक्ष संदीप रौतेला ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में पहाड़ी क्षेत्रों में भूमि और संसाधनों पर बाहरी दबाव बढ़ रहा है, जिससे स्थानीय लोग प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रमुख राजनीतिक दलों की नीतियों के कारण पहाड़ों में समस्याएं बढ़ी हैं और विकास के नाम पर वास्तविक जरूरतों की अनदेखी की गई है। उन्होंने कहा कि मूलभूत सुविधाओं की कमी के चलते पहाड़ी क्षेत्रों से लगातार पलायन बढ़ रहा है, जिससे गांव खाली होते जा रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि पहाड़ों को बचाने के लिए क्षेत्रीय एकता और मजबूत स्थानीय राजनीतिक नेतृत्व आवश्यक है। सभा में मौजूद नेताओं ने भी कहा कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो पहाड़ की भूमि और संस्कृति पर गंभीर असर पड़ेगा। इस अवसर पर कुलदीप रावत आदि मौजूद रहे।

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