नईदिल्ली,संसद के विशेष सत्र के दौरान आज परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े विधेयकों को पेश किया गया है। इन पर चर्चा के दौरान केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बताया कि विधेयकों के लागू हो जाने के बाद देश में लोकसभा की कुल सीटें बढ़कर 815 हो जाएंगी। अभी ये 543 हैं। कानून मंत्री के मुताबिक, हर राज्य की कुल सीटों में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाएगी।
कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा, महिला आरक्षण विधेयक 2023 में पारित किया गया था, जिसमें 2026 के बाद जनगणना और परिसीमन के आधार पर इसके प्रावधानों को लागू करने का प्रावधान किया गया था। लोकसभा सदस्यों की ताकत में समान 50 प्रतिशत की वृद्धि होगी और यह 815 सीटों में तब्दील हो जाएगी, जिनमें से 272 महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी, जो सदन की ताकत का एक तिहाई है। इससे किसी राज्य को कोई नुकसान नहीं होगा।
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा, कानून मंत्री की बातों से लग रहा था कि पहली बार सदन के अंदर महिला आरक्षण पर चर्चा हो रही है। आज से ही 3 साल पहले गृह मंत्री ने ऐसी ही बातें की थीं। 90 प्रतिशत वही बातें हैं। तब भी हमने यही कहा था कि हमारी पार्टी महिला आरक्षण के पक्ष में हैं, लेकिन इसे सरल कीजिए, ताकि जब पारित हो तभी लागू हो जाए। इसे परिसीमन के साथ न जोड़ें।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री राजनीति कर रहे हैं और यहां कुछ लोगों ने उन्हें गुमराह किया है। महिला आरक्षण के खिलाफ कोई नहीं है, लेकिन वे इसे हराने के लिए कोई बहाना ढूंढ़ रहे हैं। अगर आप किसी बहाने से महिला आरक्षण को हराना चाहते हैं, तो यह सबसे दुर्भाग्यपूर्ण पल होगा। इसलिए तमिलनाडु या किसी भी राज्य को चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्हें लोगों को गुमराह और भ्रमित नहीं करना चाहिए।
केंद्र सरकार जो 3 विधेयक लाई हैं, उसमें संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, परिसीमन (संशोधन) विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 शामिल है। संविधान (131वां संशोधन) विधेयक में लोकसभा की सीटें 850 करने का प्रस्ताव है, जिससे महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का रास्ता खुलेगा। परिसीमन (संशोधन) विधेयक में परिसीमन आयोग के गठन और नई जनगणना आधारित सीटों का बंटवारा करने का प्रावधान है। तीसरे विधेयक में केंद्र शासित प्रदेशों के कानूनों में संशोधन का प्रावधान है।