पिथौरागढ़। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के एलएसएम कैंपस आगमन से पहले शहर में हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। शुक्रवार को विभिन्न जनहित के मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री का घेराव करने की कोशिश कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। पुलिस ने विरोध प्रदर्शन को विफल करने के लिए कांग्रेस जिलाध्यक्ष सहित कई वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में ले लिया। नगर के रामलीला मैदान सदर में कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश पंत के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने विरोध-प्रदर्शन किया। बाद में कांग्रेसियों ने एलएसएम कैंपस का रूख किया, लेकिन कैंपस परिसर से पहले ही शनि मंदिर के पास पुलिस ने कार्यकर्ताओं को रोक लिया। प्रदर्शनकारियों को जबरन पुलिस वाहनों में बैठाकर कार्यक्रम स्थल से काफी दूर ले जाया गया। हंगामे के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारे भी लगाए, जिन्हें पुलिस ने तुरंत तितर-बितर कर दिया। जिलाध्यक्ष पंत ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध दर्ज कराना उनका अधिकार है। हम क्षेत्र की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री से मिलना चाहते थे, लेकिन उन्हें अपराधियों की तरह हिरासत में लिया गया। पंत ने कहा कि पांच साल में पिथौरागढ़ में विकास का कोई भी काम नहीं हुआ। बेस हॉस्पिटल को मेडिकल कॉलेज से जोड़ दिया गया है, लेकिन स्टाफ की नियुक्ति अभी तक नहीं हुई है। राष्ट्रीय राजमार्ग बदहाल है। पूर्व दर्जा राज्य मंत्री महेंद्र लुंठी ने कहा कि इस सरकार ने युवाओं के साथ सबसे बड़ी ठगी की है। पांच साल सरकार पेपर लीक कांड में फंसी रही। अग्नि वीर योजना के नाम पर युवाओं को केंद्र सरकार ने ठगा है।
काले कपड़ों पर रहा सख्त पहरा
पिथौरागढ़ । मुख्यमंत्री की सुरक्षा और विरोध की आशंका को देखते हुए एलएसएम कैंपस के मुख्य गेट पर सघन चेकिंग अभियान चलाया। पुलिस ने सख्त निर्देश जारी किए थे कि कैंपस के भीतर कोई भी व्यक्ति काले कपड़े पहनकर प्रवेश नहीं करेगा। गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने काले कपड़े पहनकर आए लोगों को रोक दिया। यहां तक काले रंग के हेलमैट पहने चालक को भी कैंपस गेट से अंदर प्रवेश नहीं करने दिया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार कई लोगों को प्रवेश पाने के लिए अपने काले ऊपरी वस्त्र गेट पर ही उतारने पड़े।