जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : रघुवीर शरण अग्रवाल के निधन के बाद उनके नेत्रदान से दो जरूरतमंद लोगों को नई दृष्टि मिलेगी। रघुवीर शरण अग्रवाल के निधन के बाद उनके पुत्र चिकित्सक डा. मनोज अग्रवाल ने पिता के नेत्र दान करने का निर्णय लिया।
93 वर्षीय अग्रवाल का एक दिन पूर्व निधन हो गया था। जिसके बाद परिवार ने उनकी इच्छा के अनुरूप नेत्रदान का निर्णय लिया। परिजनों आशुतोष अग्रवाल, डॉ. मनोज अग्रवाल और हितेश अग्रवाल ने निर्मल आश्रम नेत्र संस्थान से संपर्क किया। इसके बाद संस्थान की टीम कोटद्वार पहुंची और स्व. अग्रवाल के कॉर्निया सुरक्षित रूप से प्राप्त किए गए। इस दौरान परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे। संस्थान के डॉक्टरों की टीम में डॉ. तुषार और डॉ. मकेंद्रू शामिल रहे। नेत्रदान के इस निर्णय से अब दो लोगों को रोशनी मिलेगी। चिकित्सक डा. मनोज अग्रवाल ने बताया कि उनके पिता की इच्छा थी कि उनकी मृत्यु के बाद उनकी आंखों को दान किया जाएं। स्थानीय लोगों और संस्थान के अधिकारियों ने अग्रवाल परिवार के इस कदम की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया। रघुवीर शरण अग्रवाल भले ही इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनका नेत्रदान कई लोगों के जीवन में उजाला बनकर हमेशा याद किया जाएगा।