रामकथा कलियुग में मनोरथ पूर्ण करने वाली कामधेनु गाय

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार। आचार्य विनोद कंडवाल ने राम कथा का प्रवचन करते हुए कहा कि रामकथा कलियुग में सभी मनोरथों को पूर्ण करने वाली कामधेनु गाय है और सज्जनों के लिए सुंदर संजीवनी बूटी है। तुलसीदास ने कहते है कि जिन्होंने राम सुयश रूपी जल से अपने हृदय को नहीं धोया वे कलिकाल के द्वारा ठगे गये जैसा कि प्यासा हिरन सूर्य की किरणों को रेत पर पड़ने पर पानी समझ बैठ जाता है और रेत पर पानी के लिए भटकता रहता है। उन्होंने कहा कि लोगों को रामकथा को अवश्य सुनना चाहिए, ताकि वह सनमार्ग व भक्तिमार्ग पर आगे बढ़ सकें।
बालासौंड स्थित एक वेडिंग प्वाइंट में आयोजित कथा में मुख्य यजमान पार्षद नीरूबाला खंतवाल, नामित पार्षद आशा डबराल, कैप्टन गजेन्द्र मोहन धस्माना, मीना डोबरियाल, ऊषा थपलियाल, कौशल्या रावत, हरि सिंह पुंडीर, विजय लक्ष्मी, मनोज लखेड़ा, आचार्य विनोद कंडवाल, भगवती प्रसाद, मोहित केष्टवाल, प्रदीप जखमोला, द्वारिका पोखरियाल, जगदंबा कण्डवाल, रमेश कंडवाल, रेखा बलूनी, अनीता नौटियाल आदि मौजूद थे।

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