मूल्यांकन प्रणाली पर लापरवाही, छात्रसंघ ने जताया रोष

Spread the love

जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : लगातार शिकायत के बाद भी मूल्यांकन प्रणाली में सुधार नहीं होने पर राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोटद्वार के छात्रसंघ पदाधिकारियों ने रोष व्यक्त किया है। इस दौरान सदस्यों ने जल्द समस्याओं का निराकरण नहीं होने पर आंदोलन को तेज करने की चेतावनी दी है।
इस संबंध में विद्यार्थियों ने श्री देव सुमन विश्व विद्यालय को ज्ञापन भेजा। छात्र संघ अध्यक्ष विकास कुमार ने बताया कि विश्वविद्यालय स्वयं की ओर से निर्धारित अध्यादेशों का पालन नहीं कर रहा है। नियमों के अनुसार किसी भी विषय में उत्तीर्ण होने के लिए आंतरिक एवं बाह्य मूल्यांकन को मिलाकर न्यूनतम 33 प्रतिशत अंक आवश्यक हैं। इसके बावजूद कई विद्यार्थियों को अनुत्तीर्ण घोषित किया जा रहा है। विद्यार्थियों ने 120 से अधिक प्रभावित छात्र-छात्राओं की अंकतालिकाओं की प्रतियां भी प्रस्तुत कीं, जो इन विसंगति का प्रत्यक्ष प्रमाण है। उन्होंने कहा कि समस्या केवल एक महाविद्यालय तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के कई अन्य महाविद्यालयों के छात्र भी इससे प्रभावित हैं। इस दौरान छात्र प्रतिनिधियों ने उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता का अभाव है, जिससे छात्रों के शैक्षणिक भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। छात्रों ने अपनी प्रमुख मांगों में 33 प्रतिशत कुल अंक के नियम को तत्काल प्रभाव से लागू करने, पात्र छात्रों की बैक हटाने तथा मूल्यांकन प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने की मांग की है। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही इस संबंध में ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आंदोलन को मजबूर होंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *