जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : कोटद्वार के हल्दूखाता स्थित शिव मंदिर में चल रही शिवमहापुराण सार्वजनिक कथा में श्रद्धा और भक्ति का वातावरण देखने को मिला। कथा से पूर्व क्षेत्र में श्रद्धालुओं द्वारा भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं और भक्तों ने पारंपरिक वेशभूषा में भाग लेकर माहौल को भक्तिमय बना दिया।
कथा वाचन के दौरान आचार्य राकेश लखेड़ा ने भगवान शिव को वैराग्य, त्याग और करुणा का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि भगवान शिव की कृपा के बिना संसार में कुछ भी संभव नहीं है। शिव का संपूर्ण स्वरूप ही जीवन को सही दिशा देने वाला है। आचार्य ने प्रवचन में कहा कि भगवान शिव का संदेश है कि सत्य सबसे बड़ा धर्म है और असत्य सबसे बड़ा पाप। उन्होंने श्रद्धालुओं को जीवन में मन, वाणी और कर्म पर नियंत्रण रखने की प्रेरणा दी, जिससे व्यक्ति मानसिक शांति और संतुलन प्राप्त कर सकता है। उन्होंने आगे कहा कि भगवान शिव की आराध ही जीवन को बेहतर पथ पर ले जा सकती है।