बागेश्वर। जनपद में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं जवाबदेह बनाने की दिशा में जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला गंगा संरक्षण समिति की बैठक में नगर निकायों और संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए। बैठक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण, लीगेसी वेस्ट निस्तारण तथा प्लास्टिक उन्मूलन अभियान की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनपद के प्रत्येक घर से नियमित रूप से कूड़ा संग्रहण सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी क्षेत्र में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने नगर निकायों को शत-प्रतिशत डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण व्यवस्था लागू करने के निर्देश देते हुए नागरिकों को कचरा पृथक्करण एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान संचालित करने को कहा।
बैठक के दौरान बागेश्वर एवं गरुड़ नगर निकायों में लीगेसी वेस्ट निस्तारण हेतु भूमि चयन की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने संबंधित उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि एक सप्ताह के भीतर भूमि चयन की कार्रवाई पूर्ण कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए, ताकि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था को समयबद्ध और प्रभावी बनाया जा सके।
स्वच्छता अभियान को और अधिक कठोर बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ने सिंगल यूज प्लास्टिक एवं प्रतिबंधित प्लास्टिक सामग्री के विरुद्ध चल रही कार्रवाई को तेज करने के निर्देश दिए। साथ ही मुख्य विकास अधिकारी को नगर पंचायत कपकोट में स्थापित कॉम्पैक्टर प्लांट का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का मूल्यांकन करने के आदेश भी दिए गए।
बैठक में जिलाधिकारी ने सभी अधिशासी अधिकारियों को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा कि निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप राजस्व एवं यूजर चार्ज कलेक्शन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि लक्ष्य पूर्ति में विफल रहने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त जिला पंचायत को सभी प्रमुख पर्यटक स्थलों पर नियमित साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
बैठक में आदित्या रत्ना, एन एस नबियाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं नगर निकायों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।