जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : सोमवार को बाबा विश्वनाथ-मां जगदीशिला डोली रथयात्रा कोटद्वार पहुंची। श्रद्धालुओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ देव डोली का स्वागत किया और पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की।
सोमवार को देव डोली को कुछ समय के लिए हिंदू पंचायती धर्मशाला स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर में विश्राम कराया गया। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही और लोगों ने बाबा विश्वनाथ व मां जगदीशिला के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। यह धार्मिक यात्रा 28 अप्रैल को टिहरी जिले के ढुंगा गांव से शुरू हुई थी। हरिद्वार, देहरादून और काशीपुर सहित कई स्थानों से गुजरते हुए यात्रा सोमवार को कोटद्वार पहुंची। यहां विभिन्न सामाजिक व राजनीतिक लोगों ने डोली का स्वागत किया। बाद में यात्रा सिद्धबली मंदिर के लिए रवाना हुई। यात्रा के संयोजक मंत्री प्रसाद नैथानी ने बताया कि यह आयोजन पिछले 27 वर्षों से लगातार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन और तीर्थाटन को बढ़ावा देना है। साथ ही लोगों को प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत से जोड़ना भी इसका मुख्य लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि यात्रा आगे महाबगढ़ मंदिर, यमकेश्वर और नीलकंठ होते हुए टिहरी जिले की ओर प्रस्थान करेगी। इस दौरान कई श्रद्धालु और समिति से जुड़े पदाधिकारी मौजूद रहे।